Posts

खुशी की तलाश मत करो, सुख महसूस करो. Story

  अंबानी* आज सुबह अपने बंगले में Gold Coated मार्बल की डाइनिंग टेबल पर बैठे थे. सामने चांदी की प्लेट व बाउल में, अनसाल्टेड स्प्राउटस्, बिना शक्कर की चाय पी रहे थे. फिर कुछ देर बाद......... अनसाल्टेड ओकरा (भिंडी) की एक सब्जी और बिन घी तेल की दो चपाती और गर्म खनिज पानी था। 7,000 करोड़ रुपये का घर, दस नौकरों को नाश्ता मिल रहा था, पचासों एसी चल रहे थे, गारेगर हवा दे रहे थे। इमारतों के नीचे से प्रदूषण का धुआं निकल रहा था। ऐसे माहौल में नाश्ता कर रहे थे अंबानी... 😊 वहीं दूर खलिहान में दूर कुएं की मेढ़ पर एक खेतिहर मजदूर बैठा था। वो छोले की तरी वाली सब्जी के साथ गाय के देसी घी चुपड़ी रोटी, हल्दी-मसाले में पकी भिंडी व साथ में अचार भी खा रहा था। मीठे में गुड़ और पीने के लिए बर्तन में ठंडा पानी था। सामने हरे - भरे खेत, शुद्ध हवा में लहराती फसलें, ठंडी हवाएं, चिड़ियों की चहचहाहट। तथा वह आराम से खा कर रहा था। 500 रुपए कमाने वाला एक खेतिहर मजदूर वह खा रहा था जो 7 अरब रुपए का मालिक नही खा पा रहा था। अब बताओ इन दोनों में क्या अंतर था? 🤔 अंबानी 60 साल के थे और मजदूर भी 60 साल के थे। नाश्ते के बाद अ...

Google का इन्कॉग्निटो मोड कैसे काम करता है?

Image
इन्कॉग्निटो  का डिक्शनरी मतलब होता है  'गुप्त' । आप नहीं चाहते कि आप जो भी ऑनलाइन सर्च करे आपकी  ब्राउजिंग हिस्ट्री  में आए, किसी पब्लिक कम्प्यूटर पे ब्राउज कर रहे हो तो वहां पर आपकी ब्राउज़िंग हिस्ट्री, कुकीज रिकॉर्डेड रहे। गूगल क्रोम का 'इन्कॉग्निटो मोड' आपके लिए है। गूगल क्रोम का ब्राउज़िंग इन 'इन्कॉग्निटो मोड' आपकी ब्राउज़िंग हिस्ट्री को निजी रखता है, प्राइवेट कंप्यूटर का उपयोग करते समय आपकी  ब्राउज़िंग हिस्ट्री, कुकीज, साइट डेटा, इनपुट डाटा और पासवर्ड आपके डिवाइस/कंप्यूटर पर स्टोर नहीं होता । जब आप साधारण क्रोम ब्राउज़र इस्तेमाल करते है तो आपको अपने गूगल अकाउंट/खाते से लॉगिन करना होता है, लेकिन क्रोम 'इन्कॉग्निटो मोड' में ब्राउज़ कर रहे हैं, तो आप डिफ़ॉल्ट रूप से किसी भी खाते या साइट में लॉगिन/साइन-इन नहीं होते हैं। जो लोग आपके बाद आपके डिवाइस/कंप्यूटर का उपयोग करते हैं उन्हें आपकी गतिविधि दिखाई नहीं देगी। वेबसाइटें आपको एक नए उपयोगकर्ता के रूप में देखती हैं और जब तक आप साइन-इन नहीं करते तब तक आपकी पहचान गुप्त उपयोगकर्ता की तरह होती है । *** 'इन्कॉ...

आजकल हमारे पास इतनी सारी डिग्रियां होने के बावजूद भी नौकरी क्यों नहीं लग पाती है हमारी?

Image
  आजकल हमारे पास इतनी सारी डिग्रियां होने के बावजूद भी नौकरी क्यों नहीं लग पाती है हमारी? एक बहुत मजेदार चुटकुला पढ़ा था जो शायद इस सबाल का एक जबाव हो सकता है। एक लड़का नौकरी के लिए इंटरव्यू देने गया। मालिक — आप क्या जानते हैं? आवेदक — बाबर कब भारत आया था। में यह जानता हूं। मालिक — काम से सम्बन्धित आप क्या जानते हैं? आवेदक — मुझे भारतीय संविधान के सारे अनुच्छेदों की जानकारी है। मालिक— यह सब हमारी नौकरी से सम्बंधित नहीं है। बैसे और और भी कुछ जानते हैं। आवेदक — मैं यह भी जानता हूं कि दिन रात कब बराबर होते हैं। मालिक — आप कुछ भी काम से सम्बंधित जानकारी नहीं रखते हैं। आप जा सकतें हैं। आवेदक — जब यह सब बातें किसी काम की नहीं है तो फिर सिखाई क्यों गई थी। आजकल यही हमारी शिक्षा पद्धति है। काम का कुछ भी सिखाया नहीं जाता है।

सबसे अच्छा फैन कौन सी कंपनी का है?

भारत में उषा, ओरियन्ट, क्रोम्टन, हैवेल्स, एटमबर्ग इत्यादि के फैन अधिक प्रचलित है। बाजार में दो तरीके के फैन उपलब्ध है एक है परंपरागत फैन जो करीब 70 से 100 वॉट के आसपास बिजली का उपभोग करते है। दूसरे तरह के फैन है जिन्हें बीएलडीसी फैन कहते है, यह नयी तकनीक है फैन थोड़े मंहगें तो है लेकिन इन की बिजली की खपत काफी कम है, यह पंखे 26 से लेकर 36 वॉट बिजली उपभोग करते है यह भी फैन की गति पर निर्भर करती है।  इसी तकनीक के फैन खरीदने चाहिये, जो लम्बें समय में कम बिजली का उपभोग करने के कारण धन की बचत कराते है, इन की गति भी कम या ज्यादा करी जा सकती है, रिमोट भी साथ में आता है। टाईमर, एसी की तरह रात में अपने आप गति का कम हो जाना भी इस में शामिल होता है।  शुरु में ज्यादा पैसा खर्च जरुर होता है लेकिन काफी अधिक सुविधायें इस में उपलब्ध है। पंखें काफी लम्बें समय तक चलते है इस लिये इन के द्वारा अधिक बिजली का इस्तेमाल होता है,  गर्मी में पंखों का उपभोग कम नहीं किया जा सकता है इस लिये इन पंखों पर किया गया अधिक खर्च कुछ ही सालों में वसुल हो जाता है। bUY bEST Fan :  https://grabify.link/75ECC...

जीटीए 5 कैसे डाउनलोड करें?

  जीटीए 5 कैसे डाउनलोड करें? GTA 5: फ्री में कैसे डाउनलोड कर सकते हैं ये गेम GTA 5 गेम एपिक गेम्स के स्टोर पर विंडोज यूजर्स के लिए फ्री में उपलब्ध है। यह ऑफर सीमित समय के लिए है। यदि आप ग्रैंड थेफ्ट ऑटो के दीवाने हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। इस गेम को आप फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं। Epic Games ने गेम पब्लिशर Rockstar Games के साथ टीम अप किया है, जिसमें यूजर्स को फ्लैगशिप AAA game, GTA 5 फ्री में मिल रहा है। बता दें कि  GTA  5 गेम एपिक गेम्स के स्टोर पर विंडोज यूजर्स के लिए फ्री में उपलब्ध है। यह ऑफर सीमित समय के लिए है। यानी 21 मई तक आप इस गेम को फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं। एपिक गेम्स जीटीए 5 का प्रीमियम एडिशन ऑफर के रूप में प्रदान कर रही है। यानी आपको पूरा गेम फ्री मिलेगा, इसमें आपको सिर्फ ट्रायल नहीं दिया जा रहा है। रिपोर्ट्स की मानें को कंपनी हफ्ते एक गेम फ्री प्रदान करेगी। हालांकि आपको इस गेम को डाउनलोड करने में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि फ्री गेम डाउनलोड करने के चक्कर में एपिक स्टोर पर हाई ट्रैफिक है, जिससे कुछ दिक्कतें सामने आ रही हैं। आ...

मिस्त्री जो 70 रुपए स्क्वेर फ़ीट प्र घर बंनाने के लिए तैयार हो गया अब घर बनने की बाद 90 रुपए कह रहा है ? क्या करुँ

    अब आपका घर बन गया है ना तो अब आप उसे बोलो की हमारी 60.00 स्क्वायर फीट पर बात हुई थी और मे उसी रेट से हिसाब करूँगा . जब इस मामले में बहस होगी तो आप 60 रूपये पर अड़े रहो और इसी बहस में उस के मुह से सच्चाई निकल जायेगी की हमारी तो 70 रूपये में बात हुई थी आप 60 पर कैसे हिसाब कर रहे हो . तभी आप उसको 70 रूपये पर हिसाब करके नक्की करो. हमारा एक कस्टमर था जिससे से हमने 1,22,६७०.00 रूपये लेने थे . ना तो वो हमारे मेल का रिप्लाई देता ना फ़ोन पे बात करने आता था हमने बहुत कोशिश करी उससे संपर्क करने की कहीं बात नहीं बनी और ना ही पैसे आये . तब हमने उसको दुबारा से मेल लिखने शुरू करे की हमने आपसे 5 लाख रूपये लेने थे जिसमे से 2 लाख आपने दे दिए और बाकी के 3 लाख रूपये हमारे हमारे खाते में डाले . जब 3–4 मेल इसी अमाउंट के लिखे तो उस को लगा की कहीं ये मेल प्रूफ ना बन जाए की मैंने इन्हें 3 लाख रूपये देने है. और 4 मेल के बाद उसका तुरंत जवाब आया की आपकी कैलकुलेशन गलत है मैंने आपको सिर्फ 1,22,६७०.00 रूपये देने है और उसका भुगतान कल हो जाएगा और अगले ही दिन हमारे पैसे हमें मिल गए . तो कई बार सच्चाई को सामन...

रेल्वे में लोग मजिस्ट्रियल चेकिंग से क्यों घबराते हैं, क्या रेल्वे के मैजिस्ट्रेट अलग होते हैं और क्या रेल्वे कोर्ट अलग होती हैं?

जब रेलवे में मजिस्ट्रियल चेकिंग होती है तो किसी भी छोटे स्टेशन पर ट्रेन को आउट आफ कोर्स (अचानक से) रोक कर रेलवे पुलिस द्वारा ट्रेन को चारों ओर से घेर लिया जाता है। फिर रेलवे का चैकिंग स्टाफ हर डिब्बे में चढ़कर सबके टिकिट चैक करते हैं। जो भी बिना टिकिट या गलत टिकिट के साथ पकड़ा जाता है उसे रेलवे मजिस्ट्रेट, जो कि उसी स्टेशन पर आये हुए होते हैं, के सामने पेश किया जाता है। मजिस्ट्रेट पूछते हैं बिना टिकिट क्यों चले, उसके बाद जो उन्हें उचित लगता है वह फाइन सुना देते हैं, आपने न नुकुर की तो फाइन बढ़ाते जाते हैं। यदि आपने तुरंत फाइन भर दिया तो छोड़ दिया जायेगा वरना जेल, जमानत कराओ, फिर केस चलेगा। फाइन करने के नियम क्या हैं, वह मुझे नहीं मालुम लेकिन वह नारमल टिकिट किराये से बहुत ज्यादा होता है। रेलवे के मजिस्ट्रेट सिविल कोर्ट से रेलवे में डेपुटेशन पर आते हैं, जैसे कि GRP पुलिस आती है।